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Friday, September 2, 2022

 

PM Narendra Modi takes part in commissioning ceremony of INS Vikrant in Kochi, Kerala.
एक और गुलामी की निशानी से मिली मुक्ति, भारतीय नौसेना को मिला नया निशान।

👉1-5/358, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं संरक्षा दर्पण👈
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*युदस नदि 2 सितं2022:* (Courtesy PIB/PMO, विसंकें.) PM Narendra Modi takes part in commissioning ceremony of INS Vikrant in Kochi, Kerala. Address and unveils new Naval Ensign to replace St. Jeorge cross with a seal from Great Chhatrapati Shivaji.

👉एक और गुलामी की निशानी से मिली मुक्ति, भारतीय नौसेना को मिला नया निशान। सेंट जॉर्ज क्रास को हटाकर छत्रपति शिवाजी की मुहर लगाई।👈
*यह वीडियो आपको सीधे प्रसारण उपलब्ध करा रहे हैं अधीकृत वीडियो समाचार की श्रृंखला YDMS👑 के माध्यम।* हमारी श्रृंखला के विविध विषयों के यूट्यूब चैनल *▶DD-Live YDMS👑 दूरदर्पण* की विविध विषयों की प्ले सूची *👉1-5/358, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं संरक्षा दर्पण👈* एवं 5 अन्य। ऐसे सक्रिय अधीकृत समाचार निरंतर पाने हेतु चैनल सब्सक्राइब करें एवं सर्व प्रादेशिक यूट्यूब चैनल *▶CD-Live YDMS👑 चयनदर्पण* तथा दोनों की घंटी का बटन दबाएं। 


- तिलक रेलन आज़ाद वरिष्ठ पत्रकार,
युगदर्पण®2001 मीडिया समूह YDMS👑


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यह राष्ट्र जो कभी विश्वगुरु था, आज भी इसमें वह गुण, योग्यता व क्षमता विद्यमान है | आओ मिलकर इसे बनायें; - तिलक

Tuesday, March 15, 2022

काश्मीरी पंडितों की 33 वर्ष पूर्व की पीड़ा, The Kashmir Files.

 The Kashmir Files | Official Trailer I Anupam I Mithun I Darshan I Pallavi I Vivek I 11 March 2022 *👉🌟1/49, शर्मनिरपेक्ष संविधान व शोधन:👈* *▶DD-Live YDMS👑 दूरदर्पण* *युदस नदि 14 मार्च 2022:* काश्मीरी पंडितों की 33 वर्ष पूर्व की पीड़ा, जिसे कांग्रेस ने बोया, सींचा और पाला पोसा। जिसे देखकर, उस पीड़ा को हर मानव अनुभव करेगा। t.me/ydmsjhj The Kashmir Files | Official Trailer I Anupam I Mithun I Darshan I Pallavi I Vivek I 11 March 2022. A must seen film based on real stories about tragedy of Kashmiri pandit faced about 33 year back. -तिलक रेलन आज़ाद वरिष्ठ पत्रकार संपादक युगदर्पण मीडिया समूह YDMS👑 https://youtube.com/playlist?list=PL3G9LcooHZf2U_6apbxRZdpCpvLeIsN2w 

 फिल्म फैशन क्लब फंडा :--(चमकता काला सच)|

राष्ट्रहित सर्वोपरि। इदं न मम्! इदं राष्ट्राय स्वाहा!

#वन्दे मातरम! राष्ट्रहित सर्वोपरि। इदं न मम्! इदं राष्ट्राय स्वाहा! 

नकारात्मक भ्रामक मीडिया का सकारात्मक सार्थक विकल्प YDMS👑 

क्या आप भारत से प्रेम करते हैं एवं इसके मूल तत्व को मिटाने वाले कुचक्रों को रोकना चाहते हैं? राष्ट्रहित में देश की जड़ों से जुड़ना एवं जोड़ना चाहते है; तो प्रस्तुत है, नकारात्मक भ्रामक मीडिया का सकारात्मक सार्थक विकल्प YDMS👑 । आप किसी भी प्रदेश व भाषा से हों, किसी भी आयु वर्ग के, जाति समुदाय के महिला पुरूष हों, राष्ट्रीय चिंतन है तो जुड़ सकते हैं। अधिक समय क्षमता सामर्थ्य बिना देश के लिए कुछ समय, घर में बैठकर मोबाइल पर ही दे सकते हैं। 

काश्मीर से कन्याकुमारी, पूर्वोत्तर सीमांत से गुजरात भारत एक है! इस भावना से भारत का हर सपूत YDMS👑 पर आमंत्रित है। सर्व प्रादेशिक, विविध विषयों पर सर्वश्रेष्ठ सुव्यवस्थित बहुआयामी अधीकृत समाचार, आपका अधिकार है। 

भारत माता की संतान के नाते, भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने में सहयोग हमारा दायित्व। जिसकी पूर्ति हेतु परिवार के दायित्व पूर्ति में से कुछ समय लगाना आवश्यक है। 
आप यह मानते हैं, तो सनसनी मुक्त मीडिया के पाठक, प्रचारक, टेलीग्राम पर सक्रिय सहभागिता हेतु नीचे दिए गए प्रदेशों की सूची में से अपने प्रदेश, भाषा, विधा व शैली का चयन करें।

अरुणाचल प्रदेश, 
असम, 
आंध्र प्रदेश, 
उत्तराखंड, 
उत्तर प्रदेश, 
ओड़ीसा, 
कर्नाटक, 
केरल, 
गुजरात, 
गोवा+पूना+द्वीप समूह 
छत्तीसगढ़, 
जम्मू कश्मीर, 
झारखंड, 

तमिलनाडु, 
तेलंगाना, 
नागालैंड, 
पंजाब, 
बिहार, 
बंगाल, 
मध्य प्रदेश, 
मणिपुर, 
महाराष्ट्र, 
मीज़ोरम, 
राजस्थान, 
हरियाणा, 
हिमाचल प्रदेश, 
 (, सप्त प्रदेश, , , , त्रिपुरा, )  
चंडीगढ़ केंशा, 

नई दिल्ली 

क्या आपकी आयु 60 से अधिक है और आप जीवन में जो अर्जित करना था कर चुके हैं? यदि हां, तो नाती पोतों में समय लगाने के साथ ही देश हित सोचने का समय आ गया है।

इदं न मम्! शारीरिक क्षमता भले न सही, अनुभव तो है। समय तो है। भाव है- मेरे पास जो कुछ भी है, इस राष्ट्र का है, राष्ट्र के लिए है, राष्ट्र को समर्पित है। 

✔  एक 

✔ दो 

सारे तंत्र मंत्र यंत्र :



लगभग सब कुछ 



आसपास वातावरण बनाना है



भाषा में अनुवाद करना है



सकारात्मक समाचार का निर्माण



समाज में संपर्क

भारत में 130 करोड़ लोग रहते हैं उनमें से भारतीय वही, जो भारत के लिए समर्पित हैं। अन्य सभी हम पर, बोझ है विश्व गुरु के मार्ग की बाधा, नायक नहीं विदेशी खलनायक हैं। उनके लिए 70 वर्ष ऊर्जा नष्ट करते रहे हैं। किन्तु लंबे समय तक धर्म निरपेक्षता की आड़ में शर्म निरपेक्षता में राष्ट्रीय क्षमता लुटाते रहे हैं। भले ही भारत की मूल शक्तियां, सामर्थ्य जड़ों को मिटाकर स्वार्थ पूर्ति को प्राथमिकता दी गई। अब सब उलट सामान्य किया जा सकता है, ऐसे विकल्प उपलब्ध निर्माण हो रहे हैं।  जो इस मार्ग में बाधक हैं उनसे देश की क्षति को हम रोक सकते हैं। इन उपकरणों को आपके सहयोग के द्वारा आपका भविष्य सुधरेगा और आप अधिक सुरक्षित रहेंगे। अपने व अपनी आगामी पीढ़ियों के लिए वर्तमान को लगाने के अवसर को आधार बनाएं। 

आइए हम सब मिलकर भारत का भविष्य निर्माण का संकल्प लें!

हाँ, मेरी आयु 60 वर्ष से अधिक है और मैं यह मानते हुए कि मेरे पास जो कुछ भी है, इस राष्ट्र का है, राष्ट्र के लिए है, राष्ट्र को समर्पित करना चाहता/चाहती हूं। 


भारत के 70 वर्षीय शासन में से 60 वर्ष केवल स्वार्थ पर बल दिया गया, एवं समाज ने अधिकांश इसी का अनुसरण किया है जो नए, परिदृश्य में हम बदलना चाहते हैं। आप योग्य है कि नहीं, इसकी चिंता किए बिना YDMS👑 में विश्वास रखते हुए अपने मार्ग का चयन करें। तथा दिए गए निर्देशों का पालन करने का प्रयास करें। शेष हम कर ही रहे हैं। 

प्रथम पग:

जिले सहित सूची में अपना प्रदेश चुनें।

दूसरा पग:


यदि आप जुड़ सकते है, तो कृपया अपना संपर्क नं सहित, विवरण छोड़ दें। प्रस्तुत सूची में से समूह चुनें, तथा अपनी सुविधानुसार दायित्व संभाल सकें। फिर इस व्यापक मीडिया समूह की विराट श्रृंखला व्यवस्था को एक शीर्ष मीडिया के स्थान तक ले जाने का कार्य कर सकते हैं।  
टेलीग्राम पर हमसे जुड़ें व अपना पूरा परिचय (प्रोफाइल) में विवरण अवश्य दें, मोबाइल नं सहित। हो सके तो फोन पर बात भी करें। 

- तिलक रेलन आज़ाद वरिष्ठ पत्रकार,  
युगदर्पण®2001 मीडिया समूह YDMS👑
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Sunday, March 13, 2022

👉जनादेश 2022 का निष्कर्ष ?👈

👉जाने इस जनादेश 2022 का अर्थ 👈 आज़ाद कलम ✍️ 

मणिपुर से आरंभ करें - कभी नागालैंड मणिपुर सशस्त्र विद्रोही स्वर से गूंजते थे। फिर शांति स्थापना के भिन्न भिन्न प्रयोग आरम्भ हुए। इन्हीं प्रयोगों में सरकार बनती बिगड़ती रहती थी। प्रायः ऐसी ही स्थिति गोवा की भी रही। स्थायित्व प्रदान करने में सफलता नहीं मिलती।  

मणिपुर में एक स्थान पर जय और पराजय का निर्णय मात्र 50 मतों के अंतर हुआ। 

भाजपा के उषम देबेन सिंह ने 50 मतों से जीता चुनाव। 

मणिपुर के वाबगई विधानसभा क्षेत्र पर भाजपा के उषम देबेन सिंह ने कांग्रेस के फजुर रहीम को मात्र 50 मतों से हराया। मणिपुर में 22 प्रत्याशियों की जय और पराजय का निर्णय हजार मतों के अंतर से हुआ। बता दें कि भाजपा ने पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में स्पष्ट विजय अर्जित की है और 60 स्थानों में से 32 पर विजय अंकित की है। विपक्षी दल कांग्रेस अपना अब तक का सबसे निकृष्ट प्रदर्शन करते हुए मात्र 5 स्थानों पर सिमट गई जबकि 2017 में वह सबसे बड़ी पार्टी थी। जबकि, 3 बार मुख्यमंत्री रह चुके इबोबी सिंह ने थौबल सीट से जीत प्राप्त की। 

‘जेडीयू को गत चुनाव में विजय नहीं मिली थी’

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने 6 और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) ने 7 सीटें जीती। नगा पीपुल्स फ्रंट को 5 सीटें मिली। जदयू को विगत चुनाव में जीत नहीं मिली थी। 2 सीटें कूकी पीपुल्स अलायंस ने विजीत की है। व 3 स्थानों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत प्राप्त की। कांग्रेस अपने बेकार प्रदर्शन के बाद भी 16.8 प्रतिशत मत पाकर सम्मानजनक प्रदर्शन करने में सफल रही। 

‘सहयोगी दल भाजपा को समर्थन देने का प्रस्ताव कर चुके हैं। 

भाजपा प्रदेश प्रमुख ए. शारदा देवी के अनुसार संसदीय बोर्ड, राज्य इकाई के पदाधिकारियों के चर्चा कर, निर्धारित करेगा कि नया मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह मुख्यमंत्री बने रहेंगे, अथवा कौन होगा।’ भाजपा ने मणिपुर में 2017 में मात्र 21 स्थान जीतने पर, क्षेत्रीय दलों NPP और NPF के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की शक्ति बाद में बढ़कर 28 हो गई थी। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि दोनों सहयोगी दल भाजपा को समर्थन देने का प्रस्ताव कर चुके हैं।

 -तिलक रेलन आज़ाद वरिष्ठ पत्रकार

संपादक युगदर्पण मीडिया समूह YDMS👑

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*👉11वां खेल महाकुंभ गुजरात उद्घाटन मोदी👈*

   *👉गुजरात में 11वें खेल महाकुंभ का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी👈* 

*युदस/पसुका नदि: 12 मार्च 2022:* गुजरात में 11वें खेल महाकुंभ के उद्घाटन पर बोले प्रधानमंत्री मोदी-

नमस्कार! भारत माता की जय! (टेलीग्राम पर, युगदर्पण, ऑनलाइ समाचार पत्र+YDMS👑 विराट समूह श्रृंखला)

अपने भाषण में मोदी ने,

गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, भाजपा के अध्यक्ष सी आर पाटिल, गुजरात सरकार में खेल राज्य मंत्री हर्ष सांघवी, सांसद हंसमुख भाई पटेल, नरहरि अमीन और अहमदाबाद के नगर अध्यक्ष किरीट कुमार परमार, सहित अन्य महानुभाव और गुजरात के कोने-कोने से आए युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा- 

मेरे सामने ये युवा जोश का ये सागर, ये उमंग, ये उत्साह की लहरें, ये स्पष्ट बता रही हैं कि गुजरात का नवयुवक आप सब आकाश छूने के लिए तैयार हैं। ये न केवल खेलों का महाकुंभ है, बल्कि ये गुजरात की युवा शक्ति का भी महाकुंभ है। इसके साथ ही मोदी ने 11वें खेल महाकुंभ के लिए सभी युवाओं को ढेर सारी शुभकामनाएं दी। तथा गुजरात सरकार को, विशेष रूप से मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल को भी इस भव्य आयोजन के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। मोदी ने कहा, कोरोना के कारण दो वर्षों तक खेल महाकुंभ स्थगित रहा। किन्तु भूपेन्द्र भाई ने जिस भव्यता के साथ इस आयोजन को आरंभ किया है, उसने युवा खिलाड़ियों को नए जोश से भर दिया है।

मोदी ने, 

मुझे याद है, 12 वर्ष पूर्व 2010 में गुजरात के मुख्‍यमंत्री के नाते, उस कार्यकाल में खेल महाकुंभ के आरंभ को स्मरण करते कहा, अपने बोए सपने के बीज को, आज इतने विशाल वटवृक्ष का आकार लेते देख रहा हूँ। 2010 में प्रथम खेल महाकुंभ में ही गुजरात ने 16 खेलों में 13 लाख खिलाड़ियों के साथ इसका आरंभ किया था। जबकि 2019 में हुये खेल महाकुंभ में ये भागीदारी 13 लाख से 40 लाख युवाओं तक पहुँच गई थी। 36 खेलों, और 26 अर्ध-खेलों में 40 लाख खिलाड़ी! कबड्डी, खो-खो तथा रस्साकसी से लेकर योगासन और मल्लखंभ तक! मोदी ने कहा- स्केटिंग और टेनिस से लेकर फेंसिंग तक, प्रत्येक खेल में हमारे युवा आज कमाल कर रहे हैं और अब ये आंकड़ा 40 लाख को पार करके 55 लाख पहुंच रहा है। 

‘शक्तिदूत’ जैसे कार्यक्रमों के द्वारा खेल महाकुंभ के खिलाड़ियों को सहयोग देने का दायित्व भी सरकार उठा रही है। और ये जो सतत अविराम प्रयास किये गए, खिलाड़ियों ने जो साधना की और जब खिलाड़ी प्रगति करता है तो उसके पीछे एक लंबी तपस्‍या होती है। जो संकल्प गुजरात के लोगों ने मिलकर लिया था, वो आज विश्व में अपना परचम लहरा रहा है। 

नौजवान को सम्बोधित करते मोदी बोले, ये गुजरात की युवा शक्ति का आपको गर्व है? गुजरात के खिलाड़ी पराक्रम कर रहे हैं, आपको गर्व हो रहा है? खेल महाकुंभ से निकलने वाले युवा ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ और एशियन खेलों सहित कई वैश्विक खेलों में आज देश का और गुजरात का युवा अपनी छटा बिखेर रहे हैं। ऐसी ही प्रतिभाएं इस महाकुंभ से भी आपके बीच से ही निकलने वाली हैं। खिलाड़ी युवा तैयार करते हैं। खेल के मैदान से उभरते हैं और पूरे भारत का ध्वज विश्व में लहराते हैं।

मोदी ने आगे कहा, एक समय था जब खेल जगत में भारत की पहचान केवल एक दो खेलों के बल पर टिकी थी। इसका परिणाम ये हुआ कि जो खेल देश के गौरव और पहचान से जुड़े थे, उन्हें भी भुला दिया गया। इस कारण से खेलों से जुड़े संसाधन बढ़ाने, खेल आधार भूत संरचना को आधुनिक बनाने पर ध्यान देना चाहिए था, जितनी प्राथमिकता देनी चाहिए थी, वो एक प्रकार से रुक गया था। इतना ही नहीं, जैसी राजनीति में भाई-भतीजावाद घुस गया है, खेल जगत में भी खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता की कमी भी एक बहुत बड़ा कारण था। खिलाड़ियों की सारी प्रतिभा समस्याओं से जूझने में ही निकल जाती थी। उस भंवर से निकलकर भारत के युवा आज आकाश छू रहे हैं। स्वर्ण और रजत की चमक देश के आत्मविश्वास को भी चमका रही है और चमत्कार का अनुभव भी करा रही है। विश्व का सबसे युवा देश खेल के मैदान में भी एक शक्ति बनकर उभर रहा है। टोक्यो ओलम्पिक और अर्द्धओलम्पिक, उसमें हमारे खिलाड़ियों ने इस परिवर्तन को प्रमाणित किया है। टोक्यो ओलम्पिक में भारत ने प्रथम बार 7 पदक जीते हैं। यही स्थिति भारत के बेटे-बेटियों ने टोक्यो अर्द्धओलम्पिक में भी बनाया। भारत ने इस वैश्विक प्रतियोगिता में 19 पदक जीते। किन्तु, साथियों, ये तो आरम्भ है। न भारत रुकने वाला है, न थकने वाला है। मुझे मेरे देश की युवा शक्ति पर विश्वास है, मुझे मेरे देश के युवा खिलाड़ियों की तपस्या पर विश्वास है, मुझे मेरे देश के युवा खिलाड़ियों के सपने, संकल्प और समर्पण पर विश्वास है। और इसलिए आज मैं लाखों युवाओं के सामने साहस के साथ कह सकता हूं कि भारत की युवा शक्ति इसे बहुत आगे लेकर जाएगी। वो दिन दूर नहीं जब हम कई खेलों में, कई पदक एक साथ जीतने वाले देशों में भारत का तिरंगा लहराएंगे। अभी है- 

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11वां खेल महाकुंभ गुजरात का उद्घाटन - मोदी

  *👉गुजरात में 11वें खेल महाकुंभ का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी👈* 

*युदस/पसुका नदि: 12 मार्च 2022:* गुजरात में 11वें खेल महाकुंभ के उद्घाटन पर बोले प्रधानमंत्री मोदी-

नमस्कार! भारत माता की जय! (टेलीग्राम पर, युगदर्पण, ऑनलाइ समाचार पत्र+YDMS👑 विराट समूह श्रृंखला)

अपने भाषण में मोदी ने,

गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, भाजपा के अध्यक्ष सी आर पाटिल, गुजरात सरकार में खेल राज्य मंत्री हर्ष सांघवी, सांसद हंसमुख भाई पटेल, नरहरि अमीन और अहमदाबाद के नगर अध्यक्ष किरीट कुमार परमार, सहित अन्य महानुभाव और गुजरात के कोने-कोने से आए युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा- 

मेरे सामने ये युवा जोश का ये सागर, ये उमंग, ये उत्साह की लहरें, ये स्पष्ट बता रही हैं कि गुजरात का नवयुवक आप सब आकाश छूने के लिए तैयार हैं। ये न केवल खेलों का महाकुंभ है, बल्कि ये गुजरात की युवा शक्ति का भी महाकुंभ है। इसके साथ ही मोदी ने 11वें खेल महाकुंभ के लिए सभी युवाओं को ढेर सारी शुभकामनाएं दी। तथा गुजरात सरकार को, विशेष रूप से मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल को भी इस भव्य आयोजन के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। मोदी ने कहा, कोरोना के कारण दो वर्षों तक खेल महाकुंभ स्थगित रहा। किन्तु भूपेन्द्र भाई ने जिस भव्यता के साथ इस आयोजन को आरंभ किया है, उसने युवा खिलाड़ियों को नए जोश से भर दिया है।

मोदी ने, 

मुझे याद है, 12 वर्ष पूर्व 2010 में गुजरात के मुख्‍यमंत्री के नाते, उस कार्यकाल में खेल महाकुंभ के आरंभ को स्मरण करते कहा, अपने बोए सपने के बीज को, आज इतने विशाल वटवृक्ष का आकार लेते देख रहा हूँ। 2010 में प्रथम खेल महाकुंभ में ही गुजरात ने 16 खेलों में 13 लाख खिलाड़ियों के साथ इसका आरंभ किया था। जबकि 2019 में हुये खेल महाकुंभ में ये भागीदारी 13 लाख से 40 लाख युवाओं तक पहुँच गई थी। 36 खेलों, और 26 अर्ध-खेलों में 40 लाख खिलाड़ी! कबड्डी, खो-खो तथा रस्साकसी से लेकर योगासन और मल्लखंभ तक! मोदी ने कहा- स्केटिंग और टेनिस से लेकर फेंसिंग तक, प्रत्येक खेल में हमारे युवा आज कमाल कर रहे हैं और अब ये आंकड़ा 40 लाख को पार करके 55 लाख पहुंच रहा है। 

‘शक्तिदूत’ जैसे कार्यक्रमों के द्वारा खेल महाकुंभ के खिलाड़ियों को सहयोग देने का दायित्व भी सरकार उठा रही है। और ये जो सतत अविराम प्रयास किये गए, खिलाड़ियों ने जो साधना की और जब खिलाड़ी प्रगति करता है तो उसके पीछे एक लंबी तपस्‍या होती है। जो संकल्प गुजरात के लोगों ने मिलकर लिया था, वो आज विश्व में अपना परचम लहरा रहा है। 

नौजवान को सम्बोधित करते मोदी बोले, ये गुजरात की युवा शक्ति का आपको गर्व है? गुजरात के खिलाड़ी पराक्रम कर रहे हैं, आपको गर्व हो रहा है? खेल महाकुंभ से निकलने वाले युवा ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ और एशियन खेलों सहित कई वैश्विक खेलों में आज देश का और गुजरात का युवा अपनी छटा बिखेर रहे हैं। ऐसी ही प्रतिभाएं इस महाकुंभ से भी आपके बीच से ही निकलने वाली हैं। खिलाड़ी युवा तैयार करते हैं। खेल के मैदान से उभरते हैं और पूरे भारत का ध्वज विश्व में लहराते हैं।

मोदी ने आगे कहा, एक समय था जब खेल जगत में भारत की पहचान केवल एक दो खेलों के बल पर टिकी थी। इसका परिणाम ये हुआ कि जो खेल देश के गौरव और पहचान से जुड़े थे, उन्हें भी भुला दिया गया। इस कारण से खेलों से जुड़े संसाधन बढ़ाने, खेल आधार भूत संरचना को आधुनिक बनाने पर ध्यान देना चाहिए था, जितनी प्राथमिकता देनी चाहिए थी, वो एक प्रकार से रुक गया था। इतना ही नहीं, जैसी राजनीति में भाई-भतीजावाद घुस गया है, खेल जगत में भी खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता की कमी भी एक बहुत बड़ा कारण था। खिलाड़ियों की सारी प्रतिभा समस्याओं से जूझने में ही निकल जाती थी। उस भंवर से निकलकर भारत के युवा आज आकाश छू रहे हैं। स्वर्ण और रजत की चमक देश के आत्मविश्वास को भी चमका रही है और चमत्कार का अनुभव भी करा रही है। विश्व का सबसे युवा देश खेल के मैदान में भी एक शक्ति बनकर उभर रहा है। टोक्यो ओलम्पिक और अर्द्धओलम्पिक, उसमें हमारे खिलाड़ियों ने इस परिवर्तन को प्रमाणित किया है। टोक्यो ओलम्पिक में भारत ने प्रथम बार 7 पदक जीते हैं। यही स्थिति भारत के बेटे-बेटियों ने टोक्यो अर्द्धओलम्पिक में भी बनाया। भारत ने इस वैश्विक प्रतियोगिता में 19 पदक जीते। किन्तु, साथियों, ये तो आरम्भ है। न भारत रुकने वाला है, न थकने वाला है। मुझे मेरे देश की युवा शक्ति पर विश्वास है, मुझे मेरे देश के युवा खिलाड़ियों की तपस्या पर विश्वास है, मुझे मेरे देश के युवा खिलाड़ियों के सपने, संकल्प और समर्पण पर विश्वास है। और इसलिए आज मैं लाखों युवाओं के सामने साहस के साथ कह सकता हूं कि भारत की युवा शक्ति इसे बहुत आगे लेकर जाएगी। वो दिन दूर नहीं जब हम कई खेलों में, कई पदक एक साथ जीतने वाले देशों में भारत का तिरंगा लहराएंगे। अभी है- 

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11वां खेल महाकुंभ उद्घाटन गुजरात - मोदी

 *👉गुजरात में 11वें खेल महाकुंभ का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी👈* 

*युदस/पसुका नदि: 12 मार्च 2022:* गुजरात में 11वें खेल महाकुंभ के उद्घाटन पर बोले प्रधानमंत्री मोदी-

नमस्कार! भारत माता की जय! टेलीग्राम पर, युगदर्पण,ऑनलाइ समाचार पत्र)

अपने भाषण में मोदी ने,

गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, भाजपा के अध्यक्ष सी आर पाटिल, गुजरात सरकार में खेल राज्य मंत्री हर्ष सांघवी, सांसद हंसमुख भाई पटेल, नरहरि अमीन और अहमदाबाद के नगर अध्यक्ष किरीट कुमार परमार, सहित अन्य महानुभाव और गुजरात के कोने-कोने से आए युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा-


मेरे सामने ये युवा जोश का ये सागर, ये उमंग, ये उत्साह की लहरें, ये स्पष्ट बता रही हैं कि गुजरात का नवयुवक आप सब आकाश छूने के लिए तैयार हैं। ये न केवल खेलों का महाकुंभ है, बल्कि ये गुजरात की युवा शक्ति का भी महाकुंभ है। इसके साथ ही मोदी ने 11वें खेल महाकुंभ के लिए सभी युवाओं को ढेर सारी शुभकामनाएं दी। तथा गुजरात सरकार को, विशेष रूप से मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल को भी इस भव्य आयोजन के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। मोदी ने कहा, कोरोना के कारण दो वर्षों तक खेल महाकुंभ स्थगित रहा। किन्तु भूपेन्द्र भाई ने जिस भव्यता के साथ इस आयोजन को आरंभ किया है, उसने युवा खिलाड़ियों को नए जोश से भर दिया है। 


मोदी ने,


मुझे याद है, 12 वर्ष पूर्व 2010 में गुजरात के मुख्‍यमंत्री के नाते, उस कार्यकाल में खेल महाकुंभ के आरंभ को स्मरण करते कहा, अपने बोए सपने के बीज को, आज इतने विशाल वटवृक्ष का आकार लेते देख रहा हूँ। 2010 में प्रथम खेल महाकुंभ में ही गुजरात ने 16 खेलों में 13 लाख खिलाड़ियों के साथ इसका आरंभ किया था। जबकि 2019 में हुये खेल महाकुंभ में ये भागीदारी 13 लाख से 40 लाख युवाओं तक पहुँच गई थी। 36 खेलों, और 26 अर्ध-खेलों में 40 लाख खिलाड़ी! कबड्डी, खो-खो तथा रस्साकसी से लेकर योगासन और मल्लखंभ तक! मोदी ने कहा- स्केटिंग और टेनिस से लेकर फेंसिंग तक, प्रत्येक खेल में हमारे युवा आज कमाल कर रहे हैं और अब ये आंकड़ा 40 लाख को पार करके 55 लाख पहुंच रहा है। 

‘शक्तिदूत’ जैसे कार्यक्रमों के द्वारा खेल महाकुंभ के खिलाड़ियों को सहयोग देने का दायित्व भी सरकार उठा रही है। और ये जो सतत अविराम प्रयास किये गए, खिलाड़ियों ने जो साधना की और जब खिलाड़ी प्रगति करता है तो उसके पीछे एक लंबी तपस्‍या होती है। जो संकल्प गुजरात के लोगों ने मिलकर लिया था, वो आज विश्व में अपना परचम लहरा रहा है। 


नौजवान को सम्बोधित करते मोदी बोले, ये गुजरात की युवा शक्ति का आपको गर्व है? गुजरात के खिलाड़ी पराक्रम कर रहे हैं, आपको गर्व हो रहा है? खेल महाकुंभ से निकलने वाले युवा ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ और एशियन खेलों सहित कई वैश्विक खेलों में आज देश का और गुजरात का युवा अपनी छटा बिखेर रहे हैं। ऐसी ही प्रतिभाएं इस महाकुंभ से भी आपके बीच से ही निकलने वाली हैं। खिलाड़ी युवा तैयार करते हैं। खेल के मैदान से उभरते हैं और पूरे भारत का ध्वज विश्व में लहराते हैं।


मोदी ने आगे कहा, एक समय था जब खेल जगत में भारत की पहचान केवल एक दो खेलों के बल पर टिकी थी। इसका परिणाम ये हुआ कि जो खेल देश के गौरव और पहचान से जुड़े थे, उन्हें भी भुला दिया गया। इस कारण से खेलों से जुड़े संसाधन बढ़ाने, खेल आधार भूत संरचना को आधुनिक बनाने पर ध्यान देना चाहिए था, जितनी प्राथमिकता देनी चाहिए थी, वो एक प्रकार से रुक गया था। इतना ही नहीं, जैसी राजनीति में भाई-भतीजावाद घुस गया है, खेल जगत में भी खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता की कमी भी एक बहुत बड़ा कारण था। खिलाड़ियों की सारी प्रतिभा समस्याओं से जूझने में ही निकल जाती थी। उस भंवर से निकलकर भारत के युवा आज आकाश छू रहे हैं। स्वर्ण और रजत की चमक देश के आत्मविश्वास को भी चमका रही है और चमत्कार का अनुभव भी करा रही है। विश्व का सबसे युवा देश खेल के मैदान में भी एक शक्ति बनकर उभर रहा है। टोक्यो ओलम्पिक और अर्द्धओलम्पिक, उसमें हमारे खिलाड़ियों ने इस परिवर्तन को प्रमाणित किया है। टोक्यो ओलम्पिक में भारत ने प्रथम बार 7 पदक जीते हैं। यही स्थिति भारत के बेटे-बेटियों ने टोक्यो अर्द्धओलम्पिक में भी बनाया। भारत ने इस वैश्विक प्रतियोगिता में 19 पदक जीते। किन्तु, साथियों, ये तो आरम्भ है। न भारत रुकने वाला है, न थकने वाला है। मुझे मेरे देश की युवा शक्ति पर विश्वास है, मुझे मेरे देश के युवा खिलाड़ियों की तपस्या पर विश्वास है, मुझे मेरे देश के युवा खिलाड़ियों के सपने, संकल्प और समर्पण पर विश्वास है। और इसलिए आज मैं लाखों युवाओं के सामने साहस के साथ कह सकता हूं कि भारत की युवा शक्ति इसे बहुत आगे लेकर जाएगी। वो दिन दूर नहीं जब हम कई खेलों में, कई पदक एक साथ जीतने वाले देशों में भारत का तिरंगा लहराएंगे। अभी है- 

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Tuesday, August 3, 2021

मैं रहूं या न रहूं, भारत ये रहना चाहिए।

  देश से है प्रेम तो हर पल ये कहना चाहिए। मैं रहूं या न रहूं, भारत ये रहना चाहिए🙏 

*(1/65,संपादित)* देश से है प्यार तो ह औरर पल ये कहना चाहिए। मैं रहूं या न रहूं, भारत ये रहना चाहिए, क्रम ये मेरे बाद भी चलते ही रहना चाहिए। 

देश से है प्रेम तो हर पल ये कहना चाहिए। मैं रहूं या न रहूं, भारत ये रहना चाहिए 

शिराओं को मेरी करके तार, और बनादो इक सितार, राग भारत मुझ पे छेड़ो, झनझनाओ बारम्बार, देश से ये प्रेम नेत्रों से छलकना चाहिए! देश से है प्रेम तो हर पल ये कहना चाहिए। मैं रहूं या न रहूं, भारत ये रहना चाहिए... 

शत्रु से कहदो कि अब सीमा में रहना सीख ले, ये मेरा भारत अमर है, सत्य कहना सीख ले। भक्ति की इस शक्ति को बढ़कर दिखाना चाहिए। निज भावना को अब, निज भाषा में बताना चाहिए। 

देश से है प्रेम तो हर पल ये कहना चाहिए। मैं रहूं या न रहूं, भारत ये रहना चाहिए🙏 - तिलक रेलन आज़ाद वरिष्ठ पत्रकार 

https://youtube.com/playlist?list=PL3G9LcooHZf0HKks72xQlTZD1-n6Y6tRq 

Friday, May 21, 2021

महाभारतातील निवडक श्लोक*--शत्रूसमोर अंधवत् व्हावे

 *🙏🏼🙏🏼🕉️शुभसकाळ🕉️🙏🏼🙏🏼*

    *महाभारतातील निवडक श्लोक*


*अन्धः स्यादन्धवेलायां बाधिर्यमपि चाश्रयेत्॥*

*कुर्यात्तृणमयं चापं शयीत मृगशायिकाम्।*

*सान्त्वादिभिरुपायैस्तु हन्याच्छत्रुं वशे स्थितं॥*

*दया न तस्मिन्कर्तव्या शरणागत इत्युत।*

*निरुद्विग्नो हि भवति न हताज्जायते भयम्॥*


            *- १.१५३.२२-२४, महाभारत.*


अर्थ :-


         (कणिक धृतराष्ट्र व दुर्योधनादिकांना म्हणतो,) प्रसंगी आपण आंधळे आहोत असेही दाखवावे, म्हणजेच जेव्हा आपण शत्रूसमोर असमर्थ असू त्या वेळी शत्रूचे दोष पाहू नये. आपण शत्रूसमोर कमजोर असू तेव्हा जर सगळीकडून आपली निंदा अथवा धिक्‍कार होत असेल तर त्यांस (ऐकूनही) न ऐकल्यासारखे करून बहिरे व्हावे.  

       अशा वेळी आपल्या धनुष्याला तृणासमान मानून  मृगाची शिकार करणार्‍या व्याधाप्रमाणे झोपेचे सोंग घ्यावे. म्हणजेच शत्रुच्या नजरेत आपण अगदी हीनदीन दुर्बळ आहोत असे दाखवावे; परंतु झोपलेला शिकारी जसे खोट्या झोपेचं सोंग घेऊन सावजाला आश्वस्त करतो की याच्या पासून आपल्याला धोका नाही. तेव्हा सावज व्याधाच्या आसपास निर्धास्त होऊन चरू लागते, त्यावेळी व्याध सावजाला बाणांनी घायाळ करतो. याचप्रमाणे शत्रुला संपवण्याची संधी शोधत आपला मूळ हेतू, मनोरथ लपवत दुर्बल असल्याचा दिखावा करावा. अशाप्रकारे सांत्वनादि (साम, दाम) उपायांनी कपटपूर्ण वागून वश झालेल्या शत्रूचा विश्वास उत्‍पन्न करून घात करावा.

      हा मला शरण आला आहे असे म्हणून त्याला ‍अभय देऊ नये, दया दाखवू नये. शत्रुला मारूनच राजा निर्भय होऊ शकतो. जर शत्रू मारला गेला नाही तर आपल्याला सदैव त्याचे भय राहाते.


टीप-

       ययाती, पुरू, दुष्यंत, भरत, कुरू, प्रतीप, शांतनू, भीष्म यांसारख्या महान राजर्षींच्या वंशातील धृतराष्ट्र, दुर्योधनादि कौरवांनी अशा प्रकारे कपटनीतीचा आश्रय घेणे हे त्यांच्या कुळाला लांच्छनास्पदच होय. म्हणूनच या सर्वांचा अंतही अतिशय दारूण असाच झाला.

          मात्र राजनीतीचा एक भाग म्हणून वापरली गेलेली ही कपटनीती मात्र नंतरच्या कलीयुगातील मानवी जीवनाचा भाग झालेली आहे धोका, दगाबाजी, विश्वासघात होणे याकाळात सर्वत्र पहायला मिळते. कणिकाचा उपदेश कलीयुगातील सर्व माणसांनी स्वीकारला पण श्रीकृष्णांचा उपदेश स्वीकारणारे कमीच आहेत. म्हणून श्रीकृष्णस्वारी श्रीमद्भगवद्गीतेमध्ये सांगतात की,

_बहूनां जन्मनामन्ते ज्ञानवान्मां प्रपद्यते।_

_वासुदेवः सर्वमिति स महात्मा सुदुर्लभः॥७.१९॥_

अनेक जन्मांच्य‍ा अखेरी ज्ञानवंत मला (अंतरातील परमात्म्याला) ओळखून शरण येतात, वासुदेव सर्वांमध्ये सर्व जगतामध्ये भरून राहिला आहे असे जाणणारा महात्मा अतिशय दुर्मिळ, विरळा (जवळजवळ दुर्लभच) असतो.

_मनुष्याणां सहस्रेषु कश्चिद्यतति सिद्धये।_

_यततामपि सिद्धानां कश्चिन्मां वेत्ति तत्वतः॥७.३॥_

अनेक हजार मनुष्यांमधून कोणीतरी एखादाच सिद्धी मिळविण्यासाठी (आत्मकल्याणासाठी) प्रयत्नशील असतो आणि अशा अनेक हजार सिद्धांपैकी कोणीतरी एकच मला यथार्थपणे जाणून घेऊ शकतो.  

        आपण कणिकाची कपटनीती स्वीकारायची की कृष्णाची राजनीती हे आपणच ठरवायचे आहे. कणिकाच्या उपदेशानुसार कपटनीती हाच जीवनाचा उद्देश तर श्रीकृष्णांच्या उपदेशानुसार राजनीती हा जीवनाचा एक भाग आणि फलाशा न धरता कर्म करत रहाणे, स्वतःच्या आतील विश्वात्मक परमेश्वराचे स्वरूप जाणून घेऊन त्याच्याशी एकरूप होणे हाच जीवनाचा उद्देश.


संकलन व टीप : अभिजीत काळे, ९८५०६९०५९७.


*🌺🌸🌷शुभसकाळ🌷🌸🌺*

*महाभारतातील निवडक -- राजाची सावधगिरीश्लोक*


       *महाभारतातील निवडक श्लोक*


*नास्यच्छिद्रं परः पश्येच्छिद्रेण परमन्वियात्।*

*गूहेत्कूर्म इवाङ्गानि रक्षेद्विवरमात्मनः।।*

              *- १.१५३.११, महाभारत.*


अर्थ :-


      राजाने इतकी सावधगिरी बाळगायला हवी की, ज्य‍मुळे शत्रू त्याची कमजोरी पाहू शकणार नाही आणि  जर शत्रुची कमजोरी समजून आली तर त्याच्यावर चढाई करावी. ज्याप्रमाणे कासव अपल्या अवयवांचं (शरीराचं) रक्षण करते, त्याचप्रमाणे राजाने आपल्या सर्व अंगांची (म्हणजेच राजा, अमात्‍य, राष्ट्र, दुर्ग, सैन्यबळ, राज्यकोष आणि सुहृद)  रक्षा करायला हवी तसेच आपली दुर्बलता, कमजोर बाबी लपवून ठेवायला हव्यात.


टीप-

महाभारताच्या आदिपर्वातील संभवपर्वामधे पराक्रमी पांडूपुत्रांबद्दल धृतराष्ट्रास असूया वाटते व तो राजा सुबलाचा मंत्री कणिक याला 'पांडवांबरोबर आम्ही कसे वागायला हवे?' असे विचारतो  त्यावेळी कणिक धृतराष्ट्र, दुर्योधन, कर्ण, शकुनी इत्यादिकांना कपटनीतीचा जो उपदेश करतो त्यात वरील श्लोक समाविष्ट आहे.  

      एकच उदाहरण चांगली व वाईट माणसे कशाप्रकारे वापरतात त्यातील भेदही इथे दिसतो. कणिक कासवाचे उदाहरण कपट नीती साठी देतो तर भगवान श्रीकृष्णांनी कासवाचे उदाहरण अर्जुनाला गीतेच्या दुसर्‍या अध्यायात सांख्ययोगामध्ये स्थितप्रज्ञाची लक्षणे सांगताना दिले आहे. ते असे,

_यदा संहरते चायं कूर्मोऽङ्गानीव सर्वशः।_

_इन्द्रियाणीन्द्रियार्थेभ्यस्तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता॥_

                    _- २.५८, श्रीमद्भगवद्गीता._

स्थितप्रज्ञाची लक्षणे सांगताना श्रीकृष्णस्वारी म्हणते की जेव्हा ज्ञाननिष्ठेमध्ये स्थित असलेली व्यक्ती कासव ज्याप्रमाणे भयामुळे आपले अंग कवचात खेचून (संकुचित करून) घेते त्याप्रमाणे सर्व विषयोपभोगांपासून आपली इंद्रिये खेचून घेते व इंद्रियनियमन करते, तेव्हा त्या व्यक्तीची प्रज्ञा (बुद्धी) स्थिर होते. (ज्याची बुद्धी स्थिर झालेली म्हणजेच जो इंद्रियोपभोगांपासून परावृत्त झालेला आहे, त्याला भगवान श्रीकृष्ण स्थितप्रज्ञ असे संबोधतात.)

        एकच उदाहरण परस्परविरुद्ध  स्वभावाच्या दोन व्यक्ती कशाप्रकारे लोकांपुढे ठेवतात यातील भेद आपणांस इथे दिसून येतो. भगवांन श्रीकृष्णांनी गीतेतून मनुष्याला आपले दोष, दुर्बलता यांचा त्याग करून सत्य व सद्गतीचा सन्मार्ग दाखवला आहे तर कणिकाने मात्र आपले दोष झाकून कसे ठेवावेत सांगत छल-कपटाचा अधमाधम उपदेश कौरवांना कपटनीतीतून करतो.


संकलन व टीप : अभिजीत काळे, ९८५०६९०५९७.


*🌺🌸🌹शुभसकाळ🌹🌸🌺*

Thursday, May 20, 2021

YDMS

 युगदर्पण अपनाएँ, 👆अपना परिचय बताएं?  जड़ों से जुड़ें. विश्वगुरु की सकारात्मकता जगाएं, चहुं ओर व्याप्त यह नकारात्मकता मिटाएं. 

बहुआयामी व्यापक राष्ट्रीय विकल्प, अब टूटर और कू पर भी 

-मु सं युगदर्पण®2001 

http://www.kooapp.com/profile/युगदर्पण®2001_ydms_ 

Monday, May 17, 2021

कल्याणमन्त्रम्

 सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।

सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग्भवेत्।।

Saturday, January 25, 2020

*जीत की गूंज* सकारात्मक YDMS चैनल *CD-Live YDMS 👑 चुनावदर्पण* की प्ले सूची *दिल्ली विधानसभा* में👀

*जीत की गूंज* सकारात्मक YDMS चैनल *CD-Live YDMS 👑 चुनावदर्पण* की प्ले सूची *दिल्ली विधानसभा* में👀
*युदस(YDMS) नदि 25 जनवरी।* आज दोपहर 3:00 बजे दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू भारोत्तोलन सभागार के जीत की गूंज, यज्ञ की ज्वाला प्रचंड करने पहुंचे, केन्द्रीय मंत्री अमित शाह। *मोदी समर्थकों से खचाखच भरे सभागार में श्रोताओं में उत्साह उमंग का संचार करने की भूमिका में 👀 देखें, अमित शाह ने क्या कहा ??*
-युगदर्पण® मीडिया समूह YDMS 👑

https://www.youtube.com/playlist?list=PLNxqtA0adB6pqryCjcTJ1AxiUWqXDfdKs

*जीत की गूंज* सकारात्मक YDMS चैनल *CD-Live YDMS 👑 चुनावदर्पण*


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Saturday, January 25, 2020

*जीत की गूंज* सकारात्मक YDMS चैनल *CD-Live YDMS 👑 चुनावदर्पण*

*जीत की गूंज* सकारात्मक YDMS चैनल *CD-Live YDMS 👑 चुनावदर्पण* की प्ले सूची *दिल्ली विधानसभा* में👀
*युदस(YDMS) नदि 25 जनवरी।* आज दोपहर 3:00 बजे दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू भारोत्तोलन सभागार के जीत की गूंज, यज्ञ की ज्वाला प्रचंड करने पहुंचे, केन्द्रीय मंत्री अमित शाह। *मोदी समर्थकों से खचाखच भरे सभागार में श्रोताओं में उत्साह उमंग का संचार करने की भूमिका में 👀 देखें, अमित शाह ने क्या कहा ??*
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*युदस(YDMS) नदि 25 जनवरी।* आज दोपहर 3:00 बजे दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू भारोत्तोलन सभागार के जीत की गूंज, यज्ञ की ज्वाला प्रचंड करने पहुंचे, केन्द्रीय मंत्री अमित शाह। *मोदी समर्थकों से खचाखच भरे सभागार में श्रोताओं में उत्साह उमंग का संचार करने की भूमिका में 👀 देखें, अमित शाह ने क्या कहा ??*
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Friday, January 24, 2020

*🚩चंदन है इस देश की माटी, तपोभूमि हर ग्राम है। हर बाला देवी की प्रतिमा, बच्चा बच्चा राम है।* 
*प्ले सूची -उत्तिष्ठत् विश्वगुरु भारत जागृते।*  
यूट्यूब चैनल- *DD-Live YDMS दूरदर्पण* 
https://www.youtube.com/channel/UCHK9opMlYUfj0yTI6XovOFg


🚩चंदन है इस देश की माटी, तपोभूमि हर ग्राम है। हर बाला देवी की प्रतिमा, बच्चा बच्चा राम है।
https://www.youtube.com/playlist?list=PL3G9LcooHZf3de3bFQ2LQ50y8x9Z6i7-v

*चुनाव दर्पण YDMS दिल्ली 2020*

*चुनाव दर्पण YDMS दिल्ली 2020*
*युदस नदि. 6 जन। #दिल्ली चुनाव 2020* कोई सामान्य चुनाव नहीं हैं। आज राजनीति और चुनाव का अर्थ सत्ता, आकांक्षाओं से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है और न ही मीडिया का अर्थ समाचार मात्र है।
*वर्तमान समय में दोनों ही राष्ट्रहित और राष्ट्रद्रोह के महासंग्राम के पांडव कौरवों के समान* एक निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं।
विगत दिनों में आपने देखा होगा *एक ओर सत्ता व मीडिया में वर्षों से पल रहे देश के शत्रुओं के समर्थक और दूसरी ओर सात्विक राष्ट्रहित।* सत्ता को कचरा मुक्त करने की भूमिका में कुछ वर्षों से केन्द्रीय भूमिका निर्वहन करते हुए मोदी और प्रदेश स्तर पर भी उभरते हुए कुछ चेहरे, एक दल विशेष से होने के कारण, सोच विशेष का प्रतिनिधित्व करता वह दल, स्पष्ट दिखाई देता है। अन्य दल सही दिशा में चल सकते थे किन्तु सात्विक मतदाताओं को ५ वर्ष उत्तर देना पड़ता, एक बार बिकाऊ मीडिया से बहकावे में अथवा तुष्टिकरण से वोट बैंक सरल उपाय है।
जेएनयू की घटनाओं का समर्थन, देश में अराजकता दंगे करवाने फिर उन को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करते मीडिया ने भी दर्शा दिया कि हम भी कम नहीं हैं। *अतः मीडिया भी कचरा मुक्त होना आवश्यक है। सार्थक सटीक समाचार हेतु सकारात्मक मीडिया से जुड़ें और भ्रामक प्रचार से बचें वह देश बचाएं।*
*👀 विधानसभा चुनाव*
मतदान की तिथि - 8 फर. 2020 (शनिवार)
मतगणना की तिथि - 11 फर.2020 (मंगलवार)

*👉YDMS 👑 मीडिया समूह के यूट्यूब चैनल से जुड़ें, देश की जड़ों से जुड़ें।*

-युगदर्पण ® मीडिया समूह YDMS 👑

https://images.app.goo.gl/4sMG5DX4Xn1S5bRE9

Wednesday, December 18, 2019

नागरिकता संशोधन बिल, के निहितार्थ? समझें! (आओ फिर नया इतिहास रचें श्रृंखला गई-१)

आओ! फिर नया इतिहास रचें-१
जो विदेशी घुसपैठियों को समझ में आने लगा है, देश में कौन लोग हैं जिन्हें समझ नहीं आ रहा है। समझ कर क्यों जानबूझकर अनजान बन कर, समाज को भ्रमित कर, वातावरण बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसके कारणों से निवारण तक यात्रा के लिए जुड़ें- युगदर्पण® २००१ के संग
नागरिकता संशोधन बिल, के निहितार्थ? स्वार्थ व इसमें अंधों का राष्ट्रघात, नकारात्मक सकारात्मक मीडिया की भूमिका। आइए इन बातों को समझें! इस निमित्त आरंभ, नई श्रृंखला देखेंं- आओ! फिर नया इतिहास रचें-१

युगदर्पण® मीडिया समूह के मुख्य समूह सम्पादक तिलक राज रेलन "आज़ाद" की कलम से-
नागरिकता सम्बंधित विधेयक पारित व लागू, व हिंसक विरोध। 
अंततः चार दिन तक हिंसक विरोध के बाद असम और पूर्वोत्तर से बंगलादेशियों ने अपने देश वापस लौटना आरंभ कर दिया है, समझ में आ गया है कि नासंबि नागरिकता संशोधन बिल लागू होने के बाद, अब भारत की नागरिकता मिलना असम्भव है, अधिक दिन यहाँ रहे तो फिर बंगलादेश भी वापस लेने से मना कर सकता है। तब ऐसा न हो जाए कि धोबी का कुत्ता घर का न घाट का "Men of No Country" बनने की भी सम्भावना है। वोटबैंक के रूप में उपयोग के अतिरिक्त शेष कुछ रह नहीं गया है। इसलिए रातों रात बोरिया-बिस्तर समेटना आरंभ कर दिया गया है.!

रोहिंग्या और बंगलादेशी केवल इस आशा में भारत में घुसते आये हैं कि देर-सवेर वोटबैंक के भूखे स्थानीय छुटभैय्ये नेताओं के सहयोग से भारत की नागरिकता सहित विशेष अधिकार मिलते रहे हैं, व मिलते रहेंगे...।

नासंबि और रानापं में राष्ट्रीय नागरिकता पंजिका NRC ने इस सुविधा को समाप्त कर दिया है, अब सौ वर्ष भी भारत में रहोगे, तो भी नागरिकता मिलने वाली नहीं है, इसलिए निराश होकर वापस लौट रहे हैं...।

नासंबि और रानापं वो अचूक शस्त्र हैं जिसके कारण एक एक घुसपैठिया स्वयं ही वापिस लौट जायेगा, सरकार को न तो कोई बल उपयोग करने की आवश्यकता पड़ेगी और न ही उनकी वापसी के लिए एक रूपया व्यय करना पड़ेगा...।

घुसपैठियों को स्वत: वापस लौटने को विवश करने के लिए बहुत ही सोच समझकर, सरकार ने नागरिकता कानून बनाया है.!

और जो घुसपैठिये पहले ही नागरिकता लेकर हमारे आपके बीच में घुल-मिल गए हैं, उन्हें भी रानापं के माध्यम से  चिन्हित करके वापस जाने के लिए विवश होना ही है।

हाँ जो भारतीय मुस्लिम हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी भारतीय हैं, उन्हें बिल्कुल चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है, सरकार उन्हें पूरा संरक्षण देगी और यह न्यायोचित भी है। सरकार देश को घुसपैठियों से मुक्त करना चाहती है, मुसलमानों से नहीं.! इतना समझने वाले देशभक्त मुसलमान तक भी, इस विधेयक का समर्थन करते हैं। 

जिसका समर्थन वो सभी देशवासी करते हैं, जो देश से प्रेम करते हैं। तो फिर कौन लोग हैं जो इसके विरोध में धरना प्रदर्शन ही नहीं, सरकारी सम्पत्ति अर्थात हमारे कर दाताओं की सार्वजनिक सम्पत्ति को नष्ट करते हैं। ऐसे नमकहराम शत्रुओं की पहचान की आवश्यकता देखते हुए, कई वर्षों के पश्चात पुनः अपने पुराने ब्लाग लेखन की ओर मुड़ा हूं।
आइए इस विषय को ध्यान से पूरा पढ़ें, समझें व पूर्व की भांति, अग्रेषित कर १३० करोड़ भारतीयों तक पहुंचाएं। जो भ्रमित हैं, वे राष्ट्र के शत्रुओं को पहचान कर उनका साथ छोड़ सकें।
कृपया न तो कोई दुष्प्रचार फैलाए और न किसी गलत अफवाह पर कोई ध्यान दें। आप हिन्दू हों या मुस्लिम, यदि आप भारतीय हैं, तो नासंबि और रानापं से आपको ही लाभ है, क्षति नहीं.! इससे आपके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और, देश अपराधमुक्त होगा, देश में सुख-शांति, अमन चैन लौटेगा।

सभी हिन्दू मुस्लिम भाई देशहित में नासंबि CAB और रानापं NRC का स्वागत करें और देश को घुसपैठियों से मुक्त करने के लिए सरकार के साथ सहयोग करें.!